- Bollywood’s Favourite Jodi - Saifu and Bebo lagayenge Hasi Ke Tyo-Ha-Ha-Har mein chaar chaand only on The great Indian Kapil Show
- Disha Patani leaves fans curious as she drops a series of cryptic stories: There are humans amongst us
- It’s October Season! 7 Bollywood Actors Who Are Your Libra–Scorpio Twins — Rekha, Aditi Rao Hydari to Kunal Kapoor
- मिराया होटल एंड रिज़ॉर्ट्स ने धनंजय श्रीवास्तव को क्लस्टर जनरल मैनेजर नियुक्त किया
- भारत की नंबर 1 EV अब INDULGE के लिए तैयार है!
एनएसई ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (ईजीआर) को बढ़ावा देने हेतु ऑगमोंट को प्रमुख साझेदार बनाया
ऑगमोंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (बीएसई: 544888 | एनएसई: ऑगमोंट) की सब्सिडियरी, ऑगमोंट गोल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (ईजीआर) को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख साझेदार के रूप में अपने पैनल में शामिल किया है। यह रणनीतिक साझेदारी ईजीआर बनाने और उन्हें दोबारा फिजिकल गोल्ड में बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ ईजीआर में ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए की गई है। इससे भारत के गोल्ड इकोसिस्टम को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इस साझेदारी के तहत, ऑगमोंट गोल्ड वैल्यू चेन में अपने लंबे अनुभव का इस्तेमाल डिजिटल फ्रेमवर्क को बेहतर बनाने के लिए करेगा। इसके साथ ही, ईजीआर प्रोडक्ट के विकास के लिए जरूरी तकनीकी और जमीनी स्तर का सहयोग भी दिया जाएगा। इस साझेदारी से रेगुलेटेड इकोसिस्टम के भीतर फिजिकल गोल्ड को आसानी से ईजीआर में और ईजीआर को दोबारा फिजिकल गोल्ड में बदलना संभव होगा।
ईजीआर डिमटेरियलाइज्ड सिक्योरिटीज हैं, जो फिजिकल गोल्ड में मालिकाना हक को दर्शाती हैं। यह गोल्ड सेबी से मान्यता प्राप्त वॉल्ट्स में सुरक्षित रखा जाता है और डिपॉजिटरीज के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखा जाता है। हर ईजीआर फिजिकल गोल्ड से पूरी तरह समर्थित होता है और इसे एक्सचेंज पर ट्रेड किया जा सकता है। इस तरह गोल्ड को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से आसानी से जोड़ा जा सकता है। इस साझेदारी के साथ, एनएसई का लक्ष्य गोल्ड ट्रेडिंग के लिए एक मजबूत और पारदर्शी इकोसिस्टम को और बेहतर बनाना है, जिससे बेहतर प्राइस डिस्कवरी, बाजार में अधिक भागीदारी और ज्वेलर्स, रिफाइनर्स, ट्रेडर्स और संस्थागत निवेशकों सहित सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर, श्री श्रीराम कृष्णन ने कहा, “ऑगमोंट को अपने पैनल में शामिल करना इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स के लिए एक मजबूत और बेहतर इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एनएसई की मजबूत टेक्नोलॉजी और लिक्विडिटी फ्रेमवर्क को गोल्ड वैल्यू चेन में ऑगमोंट के व्यापक अनुभव और जमीनी स्तर की मौजूदगी के साथ जोड़कर हम ईजीआर बनाने और उन्हें दोबारा फिजिकल गोल्ड में बदलने की प्रक्रिया को आसान बना रहे हैं। इससे देशभर के निवेशकों के लिए गोल्ड में निवेश अधिक आसान होगा। हमारा मानना है कि यह साझेदारी ईजीआर में अधिक भागीदारी को बढ़ावा देगी और हमारे कैपिटल मार्केट्स में गोल्ड को एक आधुनिक और इंटीग्रेटेड एसेट क्लास के रूप में और मजबूत करेगी।”
ऑगमोंट एंटरप्राइजेस के होल-टाइम डायरेक्टर, श्री केतन कोठारी ने कहा , “इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स के इकोसिस्टम को तैयार करने में एनएसई के साथ साझेदारी करके हमें खुशी हो रही है। गोल्ड रिफाइनिंग, सोर्सिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में अपने अनुभव को एनएसई की टेक्नोलॉजी और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़कर हमारा लक्ष्य फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड के बीच कन्वर्जन को ट्रेड और निवेशकों, दोनों के लिए आसान, तेज और ज्यादा पारदर्शी बनाना है। हम भारत में गोल्ड में भागीदारी के एक भरोसेमंद माध्यम के रूप में ईजीआर की ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इलेक्ट्रॉनिक होल्डिंग, सुनिश्चित गुणवत्ता और फिजिकल व डिजिटल फॉर्मेट के बीच आसान कन्वर्जन की सुविधा देकर ईजीआर निवेशकों को कम मात्रा में भी गोल्ड मार्केट में भाग लेने का अवसर देते हैं। इससे उन्हें बेहतर लिक्विडिटी और फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है, जो डिमैट फॉर्म में रखे जाने वाले दूसरे वित्तीय साधनों के समान है।


